Tuesday, May 12, 2026

तुम उस इंसान को सम्भाल ना पाए...


तुम उस इंसान को सम्भाल ना पाए...

जिसकी हर दुआ में बस तुम्हारा ही जिक्र था...!


तुम उस इंसान को थाम ना सके... 

जो तुम्हारी कामयाबी के ख्वाब सजाया करता था...!


तुम उस हंसी को बचा ना पाए... 

जो तुम्हारे एक इशारे पर खिल उठते थे...!


तुम उस दिल को सहेज न पाए...

जो तुम्हारी यादों में रोया करता था...!


तुम उस एहसास को समझ न सके...

जिसने तुम्हें अपना संसार मान लिया था...!


और तुम उसे नहीं सम्भाल पाए...!!

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